{"product_id":"prema","title":"Hindi PREMA","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विश्व के महान कथा-शिल्पी प्रेमचंद का प्रारंभिक उपन्यास है—प्रेमा। विधवा जीवन की ज्वलंत समस्या को सशक्त ढंग से उठाने में सक्षम यह कथा विधवा विवाह की पक्षधर है।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003e• इसमें नायक सहसा ही समाज सुधार का बीड़ा उठाकर प्रेमा के साथ विवाह करने का वचन भंग कर देता है, जिससे विरोध की विचित्र स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003e• यहाँ भी प्रेमचंद का तीखा विरोध उन शक्तियों के प्रति है, जो धर्म के नाम पर पाखंडों में डूबी हैं।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003e• इसी के साथ प्रेमा का पूर्व उर्दू-रूप ‘हमखुर्मा व हमसवाब’ भी दिया गया है। यहाँ इसे प्रस्तुत करने का वास्तविक कारण यह है कि प्रेमचंद साहित्य के अध्येता दोनों रूपों का अध्ययन कर प्रेमचंद की कथाधर्मिता को समझ-परख सकें।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003e• उपन्यास सम्राट के गौरव से विभूषित संसार के अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्ठित प्रेमचंद की ये कृतियां सम्पूर्ण रूप में प्रामाणिक मूल पाठ हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Prakash Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51540834320701,"sku":null,"price":157.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0777\/8100\/8701\/files\/9780143474234.jpg?v=1774900696","url":"https:\/\/99bookstores.com\/products\/prema","provider":"99Bookstore","version":"1.0","type":"link"}